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*_टमाटर की खेती कर ऐसे मोटी कमाई कर सकते हैं किसान_*

*_टमाटर की खेती कर ऐसे मोटी कमाई कर सकते हैं किसान_* भारत की हर रसोई में बनने वाले तमाम तरह के व्यंजनों में टमाटर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभात...

*_टमाटर की खेती कर ऐसे मोटी कमाई कर सकते हैं किसान_*

भारत की हर रसोई में बनने वाले तमाम तरह के व्यंजनों में टमाटर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। टमाटर हर किसी कि रसोई और किराने की शॉपिंग लिस्ट का एक जरूरी हिस्सा होता है। भारत दुनिया में टमाटर का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है। देश में टमाटर का सालाना उत्पादन 20 मिलियन टन है। टमाटर के इतने इस्तेमाल के बावजूद भारत में प्रोसेस्ड टमाटर उत्पादों का हिस्सा टमाटर की कुल खपत का 1 प्रतिशत से भी कम है। इसी को देखते हुए कगोमे फूड्स देश में टमाटर के प्रति प्रेम को देखते हुए प्रोसेस्ड टमाटर उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है। अगर किसान कगोमे फूड्स के साथ मिलकर टमाटर की खेती करना चाहते हैं तो वह टोल फ्री कस्टमर केयर नंबर 022-2856 5566 पर कॉल कर सकते हैं।

जानें क्या है टमाटर क्रांति

कगोमे फूड्स देश में 'टमाटर क्रांति' की शुरुआत करना चाहती है। इसमें प्रोसेस्ड टमाटर उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिये बुआई से लेकर आपकी रसोई तक कंपनी व्यापक नीतियां बना रही है। खास बात यह है कि कंपनी की इस मुहिम से किसानों को भी फायदा हो रहा है। किसानों के साथ कंपनी तीन स्तरों पर तालमेल कर रही है। ये हैं उच्च उपज के लिए विशेष बीज उपलब्ध करवाना, उर्वरकों, कीटनाशकों आदि जैसे उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों को किसानों की पहुंच में लाना और खेती के नए और आधुनिक तरीकों से किसानों को अवगत कराना।

नासिक हैं अभी कंपनी का कार्यक्षेत्र

कगोमे नासिक की नर्सरियों को कड़े परीक्षणों के बाद बनाए गए विशेष बीजों की आपूर्ति करती है। ये बीज प्रोसेसिंग के हिसाब से तैयार किए गए हैं। ये एक विशिष्ट किस्म के हैं जिन्हें इन-हाउस रिसर्च से विकसित किया गया है। इसके परिणामस्वरूप उच्च ब्रिक्स, रंग, और कीटों के हमलों के लिए बेहतर प्रतिरोधी फ़सल पैदा होती है। इन बीजों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में एक नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है। इसके अलावा टमाटर की खेती के लिए आवश्यक अन्य सभी इनपुट्स भी कंपनी किसानों को देती है।

कगोमे के कृषिविज्ञानी किसानों को खेती के तरीकों पर सटीक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं जिससे कम लागत पर उच्च उपज, उच्च गुणवत्ता वाले टमाटर पैदा होते हैं। इन टमाटरों को तभी तोड़ा जाता है जब वो पूरी तरह पक जाते हैं, इस वजह से ये टमाटर बेहतरीन लाल रंग के होते हैं। इन टमाटरों को उगाना किसानों के लिये भी काफी फायदे का सौदा साबित हो रहा है क्योंकि इन टमाटरों को कगोमे एक गारंटीड कीमत पर खरीदती है जिसके बाद इनसे प्रोसेस्ड प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं।

टमाटर से बढ़ाएं किसान आमदनी

भारत में कगोमे की टमाटर क्रांति का एक प्रमुख लक्ष्य किसानों की कमाई में बढ़ोतरी करना है। कंपनी की एग्रोनॉमी टीम द्वारा दिए गए सटीक मार्गदर्शन के साथ किसान कम लागत पर उच्च उपज, उच्च गुणवत्ता वाले टमाटर की खेती कर रहे हैं। फसल के लिए कंपनी की बायबैक गारंटी सामान्य रूप से टमाटर की खेती करने के मुकाबले किसानों को उनकी उपज पर ज्यादा मुनाफ़ा देती है। कंपनी के साथ साझेदारी करके किसानों को यह चिंता भी नहीं रहती कि फ़सल पकने के वक्त उनको क्या दाम मिलेगा और उनकी उपज के लिए उस वक्त खरीदार मिलेंगे भी कि नहीं।

कंपनी की राय

कगोमे फूड्स इंडिया के एमडी रोहित भटला का कहना है कि भारतीय फूड प्रोसेसिंग बाजार किसी भी अन्य सेक्टर के मुकाबले तेजी से बढ़ रहा है। चाहे वह सलाद हो या घर में पकाया गया खाना या रेडी-टू-ईट पैकेट्स। भाटला के मुताबिक इस सेक्टर को बढ़ाने में टेक्नोलॉजी की भूमिका अहम जबरदस्त होगी। सरकार भी फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई कदम उठा रही है।

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